Ashfaq Ahmad
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फसादी रात

  

  • ₹250.00
  • by Ashfaq Ahmad  (Author)
  • Book: Fasaadi Raat
  • Paperback: 242 pages
  • Publisher: Gradias Publishing House
  • Language: Hindi
  • ISBN-13: 978-8199929357
  • Product Dimensions: 22 x 14 x 2 cm

फसादी रात: अपराध, छल और रहस्य की छह कहानियाँ

फसादी रात छह अपराध-कथाओं का संग्रह है। इसमें पाँच प्रमुख कहानियाँ—फसादी रात, सपनों का रहस्य, खूनी खेल, फरेबी और शिकार—के साथ एक अति लघु कथा गुमराह शामिल है। अलग-अलग घटनाओं और परिस्थितियों में बुनी गई ये कहानियाँ रोमांच, अपराध, धोखे और रहस्य को अलग-अलग तरीके से सामने लाती हैं।

शीर्षक कहानी फसादी रात एक ऐसे युवक की कथा है जिसकी दिल्ली में गुजरी एक रात उसकी पूरी जिंदगी बदल देती है। घटनाओं की एक श्रृंखला उसे यौन संबंधों से लेकर हत्या तक पहुंचा देती है। कल तक सामान्य जीवन जी रहा व्यक्ति अचानक फरार अपराधी बन जाता है और देश छोड़कर काठमांडू में जा बसता है। लेकिन अतीत उसका पीछा नहीं छोड़ता और एक दिन वह फिर उन्हीं लोगों के सामने आ खड़ा होता है जिन्होंने उसकी जिंदगी बर्बाद की थी।

सपनों का रहस्य एक सामान्य पारिवारिक जीवन जी रहे व्यक्ति की कहानी है जिसे लगातार अजीब और बेहद वास्तविक सपने आने लगते हैं। सपनों में दिखाई देने वाले लोग और स्थान उसके लिए अनजान हैं, लेकिन उनमें सात हत्याएँ होती दिखाई देती हैं। सबसे भयावह बात यह है कि उन हत्याओं को दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप दिया गया है और सपनों में हत्यारा स्वयं वही व्यक्ति है।

खूनी खेल में रॉबिन डी’क्रूज़ एक ऐसे खेल का हिस्सा बन जाता है जिसकी घटनाएँ ऊपर से संयोग जैसी दिखाई देती हैं, लेकिन वास्तव में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा योजनाबद्ध होती हैं। दुर्घटना के बाद उसकी स्मृति बुरी तरह प्रभावित हो जाती है। अतीत की घटनाएँ कभी गायब हो जाती हैं, कभी टुकड़ों में लौटती हैं और कभी आपस में मिल जाती हैं। कई लाशों के बाद जब खेल अपने अंतिम चरण में पहुंचता है, तब उसे समझ आता है कि वह खिलाड़ी नहीं, केवल एक मोहरा था।

फरेबी में गोवा घूमने आया एक युवक होम स्टे के नाम पर ऐसे घर में पहुंचता है जहां पति-पत्नी और उसके बीच एक अलग ही अपराध-खेल चल रहा है। कौन किसे धोखा दे रहा है और किसकी असली मंशा क्या है, इसका पता कहानी के अंत में चलता है—और अंततः शिकारी स्वयं शिकार बन जाता है।

शिकार आज की महत्वाकांक्षी लेकिन अपरिपक्व युवा पीढ़ी की एक प्रवृत्ति को आधार बनाती है। रिद्धि अपने माता-पिता से अपनी इच्छा पूरी करवाने के लिए खुद के अपहरण की योजना बनाती है। लेकिन उसके साथ मौजूद व्यक्ति उसकी अपेक्षा से कहीं अधिक चालाक है और पुलिस की संभावित कार्रवाई का अनुमान पहले से लगा लेता है। सवाल यही रहता है कि इस खेल का वास्तविक लाभ किसे मिला।

अंतिम लघुकथा गुमराह एक ऐसे युवक की कहानी है जो अपनी प्रेमिका के खर्च पूरे करने के लिए डकैती तक करने को तैयार हो जाता है। लेकिन गलत रास्ते पर उठाया गया कदम और खराब किस्मत मिलकर उसके पूरे खेल को उलट देते हैं।

इस तरह फसादी रात की छह कहानियाँ अपराध को केवल घटना के रूप में नहीं, बल्कि उसके पीछे मौजूद लालच, भ्रम, महत्वाकांक्षा, छल और परिस्थितियों के रूप में भी सामने लाती हैं।

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